सियासत

सिलेंडर वाली बहन जी स्मृति ईरानी की बोलती हुई बंद

सिलेंडर वाली बहन जी स्मृति ईरानी की बोलती हुई बंद

सिलेंडर वाली बहन जी तमाम कोशिशें के बावजूद इस अमेठी में इस राहुल गांधी के एक कार्यकर्ता के हाथों भारी मतों से परास्त हुई | 2019 के लोकसभा चुनाव में अमेठी लोकसभा से भारतीय जनता पार्टी की प्रत्याशी इस स्मृति ईरानी ने कांग्रेस के राहुल गांधी को भारी मतों से हराकर जीत हासिल की थी जिसके कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्मृति ईरानी को मंत्री बना कर एक प्रकार से प्रोत्साहित करते हुए इनाम दिया था | अमेठी से जीतने और केंद्रीय मंत्री बनने के बाद से ही स्मृति ईरानी आक्रामक रही अमेठी लोकसभा के सभी क्षेत्रों में सक्रिय रही वहां अपना निवास बनाया और नेहरू परिवार गांधी परिवार पर लगातार तीखे प्रहार करती रही | बात बात पर राहुल गांधी को चैलेंज करने वाली स्मृति ईरानी वायनाड से चुनाव लड़ने पर भगोड़ा खाने वाली दोबारा 2024 के चुनाव में अमेठी से न लड़ने पर डरपोक खाने वाली स्मृति ईरानी इस गांधी परिवार के एक छोटे से कार्यकर्ता के हाथों भारी मतों से परास्त हो गई | और स्मृति ईरानी की हार के पीछे उनका अहंकार मोदी का सपोर्ट और साथ ही रायबरेली से राहुल गांधी के खड़े होने पर पूरे परिवार को कटघरे में खड़ा करने का परिणाम ही है की स्मृति ईरानी अपने अहंकार और अपने बाद बोलेपन के कारण भारी मतों से हार गई इसीलिए कहा जाता है कि आप सामने वाले को कभी कमजोर ना समझे, वक्त बदलते समय नहीं लगता जनता के मन को कोई जान नहीं सकता मतदाता दिखाता कुछ है और करता कुछ है जो इन परिणाम से स्पष्ट जाहिर होता है | बहरहाल राहुल गांधी वायनाड भी जीते और रायबरेली भी जीते साथ ही अमेठी से अपने कार्यकर्ता को भी जीत ले और अमेठी की जीत के पीछे राहुल गांधी की बहन प्रियंका गांधी की मेहनत भी भुलाई नहीं जा सकती और किशोरी लाल ने स्मृति ईरानी को 167 196 मतों से परास्त कर राहुल गांधी के खिलाफ तंज करने और भगोड़ा कहने का बदला ले लिया |

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