प्रदेश
नियमितीकरण, मानदेय में वृद्धि को लेकर रसोईया संघ का धरना प्रदर्शन
1. भारत के प्रत्येक प्रदेशों में परिषिद्रिद्य विद्यालयों एवं मान्यता प्राप्त एड्रेस विद्यालयों में कार्यरत रसोंईयों को नियमितीकरण / स्थाई करते हुए भारतसरकार के द्वारा निर्धारित न्यूनतम मानदेय अधिनियम के तहत् एवं माध्यमिकउच्चतम न्यालयल के आदेश के क्रम में असंगठित श्रमिक न्यूनतम निर्धारित मानदेय 12 अक्टूबर 2022 के सामान कार्य सामान मानदेय अधिनियम के अंतर्गत 16506/- रूपये लागू करते हुए, सन् 2005 से अबतक का अंतर बकाया मानदेय का लाखों रूपये का भुगतान किया जाये।
2. परिषदिय विद्यालय में कार्यरत रसोईयों को मातृत्व अवकाश मेडिकल की सुविधा तथा 14 आकस्मिक अवकाश भी उपलब्ध कराते हुऐ उम्र के आधार पर कार्यरत रसोईयों को निष्कासन पर 5 लाख रूपये ग्रेजुएटी नकद धन राशि का भुगतान कराते हुए 10,000/- मासिक पेंशन लागु किया जाए।
3. देश के समस्त कार्यरत रसोईयों से लगभग 11 माह कराया जाता है मानदेय का भुगतान मात्र 10 माह का ही किया जाता है, समान कार्य समान मानदेय तहतसम्पूर्ण शिक्षा सत्र का 12 माह का भुगतान किया जाए। एवं कार्यरत रसोईयों का, नवीनीकरण स्वतह कराते हुए, बल्य बालक बालिका के अनिवार्यतः को समाप्त करते हुए। प्रस्तर 3 व 6 में प्रस्तावित व्यवस्था को भी पूर्ण रूप से समाप्त कर प्रतिवर्ष नवीनीकरण पर रोक लगाया जाए, उस वक्त तक जब तक कार्यरत रसोईयों की नियमितीकरण स्थाई होने तक तथा मृतक निष्कासन होने पर रसोईयों के स्थान पर उनके परिवार के सदयों को ही रसोईयां पद पर नियुक्त किया जायें।
