सियासत
मतों से नहीं सीटों से हारे हैं : कुमारी शैलजा
. छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की हार के बाद दिल्ली में कांग्रेस की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं अन्य वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं के साथ प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा ने अपने-अपने विचार रखकर हार के कारणों पर विस्तृत जानकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष को दी |
कुमारी शैलजा ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि अभी हमारे छत्तीसगढ़ के नेताओं के साथ हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष खरगे जी ने, हमारे नेता राहुल जी ने और जनरल सेक्रेटरी (ऑर्गेनाइजेशन) वेणुगोपाल जी ने मीटिंग ली; हमारे ट्रेज़रर साथ में थे, स्टेट के सीनियर नेतागण साथ में थे। सबने इस चुनाव के बारे में समीक्षा की, अपने विचार रखे, अपनी बातें कहीं, बहुत स्पष्ट रूप से सबने अपने-अपने व्यूज़ यहां पर दिए। ये बात ज़रूर है कि हम चुनाव हारे, लेकिन साथ में मैं ये भी कहूंगी कि कोई भी सर्वे... चाहे आपका नेशनल मीडिया हो, चाहे रीजनल मीडिया हो... कोई भी एजेंसी हो, हर एक ने ये कहा था कि छत्तीसगढ़ में हम चुनाव जीतने जा रहे हैं और शायद किसी हद तक आप सही साबित भी हुए, क्योंकि हमारा वोट परसेंटेज विशेष कम नहीं हुआ, हमारा वोट परसेंटेज पिछली बार के मुकाबले उतना ही रहा है, जो कि कोई छोटी बात नहीं होती।
पांच साल सरकार में रहने के बाद वोट परसेंटेज बरकरार रहना एक बहुत बड़ी बात होती है, बहुत बड़ी उपलब्धि होती है और इसी कारण से हमें विश्वास था, हमें भरोसा था कि हमारी सरकार ने जो काम किया खरगे जी के नेतृत्व में... राहुल जी के, सोनिया जी के दिशानिर्देश में हमारी सरकार...प्रियंका जी के सहयोग से हमारी सरकार जो स्कीमें लेकर आई, बेहतरीन स्कीमें लेकर आई... उसका नतीजा हमने ज़मीन पर देखा है, लोगों का विश्वास हमने हासिल किया है। हमारी भरोसे की सरकार रही, हमने लोगों का भरोसा भी जीता। चुनाव हम हारे, सरकार हम नहीं बना पाए; हम निराश तो हुए हैं लेकिन हताश नहीं हुए। कारण कई हैं, उनकी हम डीटेल में समीक्षा कर रहे हैं और सभी लोग… सभी साथियों ने मिलकर हाई कमान को, हमारे शीर्ष नेताओं को ये विश्वास दिलाया है कि बेशक हमारी उम्मीद से थोड़ा कम रहना… कि सरकार न बने, लेकिन लोगों का विश्वास हमने खोया नहीं है और लोगों ने अभी भी हमारे ऊपर नज़र डाली है।
आने वाले समय में लोकसभा का चुनाव आ रहा है, सभी साथियों ने विश्वास दिलाया है कि हम आगे मिलकर फिर से चुनाव लड़ेंगे, लोकसभा में चुनाव लड़ेंगे, हमारे लोगों ने प्रदर्शन भी अच्छा किया। हम कारण देखेंगे कि कई जगह वोट मार्जिन बहुत ज्यादा रहा, लेकिन कई जगह वोट मार्जिन बहुत ज्यादा हमारे पक्ष में भी रहा... तो कोई एक ऐसी बात नहीं है पैटर्न कि बिल्कुल इकतरफा कोई चुनाव हुआ हो, ये कहीं देखने में नहीं आ रहा है।
तो इन चीजों को देखते हुए डीटेल्ड एनालिसिस किया जाएगा इन बातों का। महिलाओं की बात जहां तक है, ये पहली बार हुआ है कि विपक्ष में इतनी महिलाओं को हम जिताकर लाए हैं... क्योंकि अब विपक्ष में हो गए हैं, इसलिए कह रहे हैं। 18 महिलाओं को टिकट दिया था सभी ने मिलकर, उनमें से 11 महिलाएं जीतकर आई हैं। इसी तरह से कुछ एरिया में थोड़ी कमजोरी रही और किसी जगह हमको बहुत ज्यादा समर्थन मिला... किसान ने, ग़रीब ने हमारा साथ दिया है। जो जहां हमें लग रहा है कि कुछ कमियां रहीं, उन कमियों को आने वाले समय में अब हमने... आप ये मत समझ लीजिए कि ये चुनाव ख़त्म हो गया तो हमारा काम ख़त्म हो गया। हमारे साथी, हमारे वर्कर, हमारे नेतागण हर जगह, हर कोने में जाएंगे और फिर से लोगों का और ज्यादा विश्वास बढ़ाएंगे और लोकसभा में हम ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतकर, लेकर आएंगे।
