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जैसे-जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आते जा रही है वैसे ही प्रत्याशियों के दिल की धड़कनें तेज हो जा रही है.
जैसे-जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आते जा रही है वैसे ही प्रत्याशियों के दिल की धड़कनें तेज हो जा रही है. चुनाव आगामी 17 नवंबर को है. इस इम्तिहान में जीत दर्ज करने के लिए हर कोई दौड़ धूप कर रहा है. सुबह से ही प्रत्याशी प्रचार के लिए निकल जा रहे हैं और उनके आने का कोई समय नहीं है. कई प्रत्याशी डोर टू डोर जनसंपर्क कर रहें है. राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता भी घर-घर जाकर मतदाताओं की सूची प्राप्त कर उनका फोन नंबर लेकर फोन कॉलिंग के लिए जरिए उन्हें मतदान देने की अपील कर रहे हैं.
आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर प्रत्याशी क्षेत्र पर ही हफ्ते समय बिता दे रहे. राजनीतिक दलों ने गांव में अपनी सुविधा के लिए कार्यालय खोल रखा है. चूंकि दौलत, शोहरत, रुतबा के साथ जनसेवा करने का अवसर विधायक में मिलता है इसलिए यह मौका प्रतिनिधि खोना नहीं चाहते हैं. सोशल मीडिया, फोन कॉलिंग अन्य प्रचार माध्यम से पूरी तरह जोर आजमाइश की जा रही है. अभी चुनाव आने में मात्र तीन दिन बचे हैं.
हार जीत पर मंथन
विधानसभा चुनाव के दौरान प्रत्याशियों से लेकर मतदाता भी अभी से हार जीत पर मंथन कर रहे हैं. इस बार जशपुर जिले की तीनों विधानसभा क्षेत्र जशपुर, कुनकुरी और पत्थलगांव में प्रत्याशियों की संख्या बढ़ने से प्रत्याशियों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिलेगी. मुकाबला दिलचस्प होगा. कौन जीतेगा, कौन हारेगा इसका नतीजा 3 दिसंबर को मतगणना के बाद ही पता चलेगा.
