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छत्तीसगढ़ दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी फेडरेशन के बेनर तलें धरना प्रदर्शन
छत्तीसगढ़ दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी फेडरेशन के बेनर तलें समस्त विभागों के अंतर्गत कार्यरत दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी/दैनिक श्रमिक/वाहन चालक/कम्प्युटर आपरेटर/कार्यालय सहायक
/ तेन्दुपत्ता गोदाम सुरक्षा श्रमिक / कलेक्टर दर / श्रमायुक्त दर
वाले नियमितीकरण एवं स्थायीकरण के मांग को लेकर दिनांक 14/07/2023 को एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया दैनिक वेतन भोगियों में बहुत जन आक्रोश था महिला पुरूषों ने सरकार के सुस्त रवैय्या को लेकर नाराजगी जाहिर करते हुये कांग्रेस सरकार मुर्दाबाद के नारा लगाये। छत्तीसगढ़ सरकार ने
सत्ता में आने के पूर्व अपने जन घोषणा पत्र में बिन्दु क्रमांक 11. में दैनिक वेतन भोगी / संविदा कर्मियों को रिक्त पदों पर नियमितीकरण किया जायेगा एवं किसी भी कि छटनी नहीं किया जायेगा यह वादा कांग्रेस पार्टी ने किया था उक्त जन घोषणा पत्र का प्रचार प्रसार कांग्रेस पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी किया जब राष्ट्रीय (स्तर के नेता हि छोटे तपके के कर्मचारियों के साथ धोखा किया है तो न जाने देश के साथ क्या करेगा अपने मुख्यमंत्री पर लगाम लगाते हुये किये गये वादा को पुरा नही करा पाये। अब कोई भला राहुल गांधी के उपर विश्वास कैसे करेगा, जिनके पार्टी ही दैनिक वेतन भोगी/वाहन चालक/कम्प्युटर आपरेटर/कार्यालय सहायक/ दैनिक श्रमिक/तेन्दुपत्ता गोदान सुरक्षा श्रमिकों के भविष्य के सांथ खिलवाड़ कर रही है,
30,731 दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को अनदेखा करके सत्तासिन सरकार इन कर्मचारियों के भविष्य के सांथ खिलवाड़ कर रही है, कांग्रेस पार्टी सारा बजट नरवा, गरवा,घुरवा, बाड़ी में पुरा खजाना लुटा दिया और प्रदेश के अल्प वेतन वाले छोटे छोटे कर्मचारियों के बारें में तनिक चिंता नही है!
महाधिवक्ता का बहाना बाजी करके नियमितीकरण के मामला को कफन दफन करने का प्रयास किया है, जब हिम्मत ही नही था तो लोकलुभावन झुठा प्रलोमन भी नहीं देना चाहिये था। आज छ. ग. दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी फेडरेशन के बेनर तले समस्त विभागों से 20से 25 हजार दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी इस उग्र आंदोलन में सामिल रहें, जिसमें वन विभाग से सबसे ज्यादा जन संख्या वन विभाग, उधानिकी विभाग, जल संसाधन विभाग का रहा है, नियमितीकरण स्थायीकरण, के मांग को लेकर पूर्व में वन विभाग के लडाकू दैनिक वेतन भोगी 34 दिनों तक अनिश्चित कालीन हड़ताल में भी रहे है!
छत्तीसगढ़ दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी फेडरेशन के प्रदेश संयोजक रामकुमार सिन्हा ने बताया की आज की इस महा समर में दैनिक वेतन भोगी / वाहन चालक/कार्यालय सहायक/कम्प्युटर आपरेटर/दैनिक श्रमिक/तेन्दुपत्ता गोदाम सुरक्षा श्रमिक / डिपों में कार्य करने वाले जाबदर श्रमिक सामिल हुये थे, सभी सरकार के रिती निती से बहुत ही परेशान है। मुख्य मंत्री निवास का घेराव करने के निकले दैनिक वेतन भोगियों एवं पुलिस वालों की बीच झुमाझपटी हुई, बेरिकेट तोड़ने के लिये महिलाओं पुरी ताकत झोंक दिया था और पुलिस प्रशासन को पिछे हटाने की लिये मजबुर कर दिया और भूपेश सरकार मुर्दाबाद के खुब नारा लगाये गये! दैनिक वेतन भोगियों ने अपनी पीड़ा का जिक्र करते हुये इतना हतास हो गये की मुख्य मंत्री मुर्दाबाद के नारा लगाने में मजबुर हो गये! इन कर्मचारियों के आक्रोश का सामना चुनाव के समय क्षेत्रिय जन प्रतिनिधियों को झेलना पड़ेगा ,क्योंकी विधायक के भरोसा ही भूपेश मुख्य मंत्री बन पायेगा किन्तु इस बार विधायक ही जीतकर नही आयेंगें त मुख्य मंत्री का सपना केवल सपना ही रह जायेगा, जितना आशान समझ रही है कांग्रेस पार्टी की पुनः सत्ता में वापसी होगी लेकिन उतना आसान नहीं है, कही न कही उक्त कर्मचारियों के कोप का भागी बनेगा ही, इसलिये समय पूर्व न्याय करते हुये नियमितीकरण, तथा 02 वर्ष से कार्यरत दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को स्थायीकरण करता है तो, एक बार सोचा जा सकता है। छत्तीसगढ़ दैनिक वेतन भोगी वन कर्मचारी संघ के प्रान्ताध्यक्ष कमलनारायण साहु, छ. ग. दैनिक वेतन भोगी उधानिकीश्रमिक संघ के प्रान्ताध्यक्ष चितरंजन दास, छ. ग. राज्य जलसंसाधन विभाग दैनिक वेतन भोगी संघ के प्रान्ताध्यक्ष मनोज सोना, छ. ग. राज्य दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी संघ के प्रान्ताध्यक्ष मिलाप यादव, ने कहा कि सरकार आज भी गंभिर हो जाये नियमितीकरण को लेकर नही तो पश्चताना पड़ेगा! क्योंकि जिस किसान के भरोसा आपने दीत हासिल करने की सपना देखे है, उसी किसान लोगों के पुत्र है ये दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी, कहीं आपके सोंच के विपरीत आपकों नतिजा ना आ जाये, देर से किया हुआ न्याय भी अन्याय के सामान जब तक नियमितीकरण है छत्तीसगढ़ दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी फेडरेशन के संयोजक रामकुमार सिन्हा ने कहा कि ग्यापन हम एस डी एम को नही बल्की मुख्य मंत्री को सौपेंगें, या फिर प्रतिनिधी मंडल को मुख्य मंत्री से मिलवा दिजीये लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों ने, मुख्य मंत्री के भय से मिलाने के लिये एक लाईन से इंकार कर दिया गया जिसके कारण आक्रोशित दैनिक वेतन भोगियों ने ग्यापन को जला दिया, और यह भी कहा कि जब तक नियमितीकरण नही मिल जाता तब तक यह लड़ाई जारी रहेगा और 01 अगस्त से दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी अनिश्चित कालीन हड़ताल में, जाने वाले है! भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अऱूण साव ने अपने पार्टी के जन घोषणा पत्र में रखने नियमितीकरण के मांग को रखने तथा सत्ता में आने पर नियमितीकरण करने का वादा भी किया!
