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चुनावी राजनीति में अपनी दाल गलाने में मस्त रहे कांगेसी नेता...सम्मेलन कार्यक्रम के दौरान नही रहा मरीजो से कोई सरोकार

चुनावी राजनीति में अपनी दाल गलाने में मस्त रहे कांगेसी नेता...सम्मेलन कार्यक्रम के दौरान नही रहा मरीजो से कोई सरोकार

कांग्रेस का संभागीय सम्मेलन आज, सिम्स अस्पताल में इलाज हेतु मरीज हुए परेशान पुलिस बल द्वारा गेट से पहले ही रोका गया मरीजो की गाड़ियों को।।

कार्यक्रम के दौरान नही हुआ प्रोटोकॉल का पालन

इलाज के लिए मरीज इधर उधर भटकते आये नजर

बिलासपुर- कांग्रेस संभागीय सम्मेलन के जरिए बस्तर के बाद अब बुधवार को बिलासपुर में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस चुनावी आगाज करने की तैयारी में हैं। इस सम्मेलन में संभाग के सभी जिलों के साथ ही ब्लॉक पदाधिकारियों व जनप्रतिनिधियों समेत एक हजार लोगों को बुलाया गया है। वहीं, प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत, पीसीसी चीफ मोहन मरकाम, प्रदेश सह प्रभारी विजय जांगिड़ समेत सभी दिग्गज नेता भी इस सम्मेलन का हिस्सा बनने बिलासपुर सिम्स आडोटोरियम पहुंचे लेकिन कांग्रेस के इस सम्मेलन से होने वाले नुकसान की ओर नजर शायद किसी की नही पड़ी । बड़े बड़े नेताओं के आने से पुलिस बल द्वारा सिम्स अस्पताल आने वालों लोगो की गाड़ियां अस्पताल से बहुत दूर पहले ही रोक दी जा रही है सामान्य मरीज व लोगो को रोका जाना कोई विशेष वार्तालाप का विषय नही है लेकिन गंभीर रूप से पीड़ित व्यक्ति तक कि गाड़ियों को सिम्स अस्पताल में जाने की अनुमति नही है दी गई जो सोचनीय व निंदनीय है। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है वे जहां चाहते वहाँ सम्मेलन का कार्यक्रम कर सकते थे लेकिन उनके द्वारा एक अस्पताल का आडोटोरियम निजी कार्यक्रम के लिए चुनना कही न कहीं अपनी मनमानी की ओर इशारा करता है सिम्स छत्तीसगढ़ राज्य का दूसरा सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है और यहां संभाग भर के गरीब मरीज अपना इलाज करवाने आते है लेकिन आज पूरे कार्यक्रम के दौरान उनका इलाज होना संभव न हो सका आखिकार इस बीच किसी प्रकार की अनहोनी का जबाबदार कौन होगा।? सम्मेलन के दौरान प्रोटोकॉल बनाया गया था कि गाड़ियों की पार्किंग निश्चित स्थान पर ही की जाएगी लेकिन वास्तविकता में ऐसा होना संभव नही दिखा आज कार्यक्रम के दौरान पूरे सिम्स प्रांगण में सिर्फ कांग्रेसियों की गाड़ियां ही नजर आ रही है । अस्पताल में इस तरह के बड़े कार्यक्रम की अनुमति किस विचारों को सोचते हुए ली गई समझ के परे है। जबकि बिलासपुर में अन्य भी कई स्थान है जहाँ कार्यक्रम आसानी से करवाया जा सकता था । लेकिन कांग्रेसियों को चुनाव जीतने की होड़ में कुछ और नजर ही नही आया।

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