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लाल भाजी का साग आपके खाने के लिए एक पौष्टिक सब्जी है-आइए जानते हैं इसे बनाने की आसान विधि।
आवश्यक सामग्री :
ताजा लालभाजी – एक गुच्छा/ 500 ग्राम
जीरा – 1/2 छोटा चम्मच
हल्दी पाउडर – 1/2 छोटा चम्मच
लाल मिर्च पाउडर – 1/2 छोटा चम्मच
हींग – एक चुटकी
प्याज कटा हुआ – 2
टमाटर कटे – 2
हरी मिर्च कटी हुई – 2
गरम मसाला – 1/2 छोटा चम्मच
धनिया पाउडर – 1/2 छोटा चम्मच
आलू कटे हुए – 1 (वैकल्पिक)
लहसुन और अदरक कटा हुआ – 1/4 छोटा चम्मच प्रत्येक।
नमक – स्वाद अनुसार
तेल – 1 बड़ा चम्मच
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बनाने की विधि :
सबसे पहले लाल भाजी की कड़ी कड़ी डंडी तोड़ दें
अब नरम भाजी को अच्छे से धोकर बारीक बारीक काट लीजिये
अब तेल गरम करके हींग डाल दीजिए. फिर कटा हुआ लहसुन और अदरक डालें।
इसके बाद मिश्रण को भूनें और फिर कटे हुए प्याज़ डालकर इसे सुनहरा होने तक भूनें।
अब इसमें कटे हुए आलू और सारे मसाले और नमक डालें।
इसके बाद कटी हुई लाल चौलाई भाजी डाल कर मिला दें और तेज आंच पर ढक्कन खोलकर भाजी को पकने व पानी सूखते तक पकाते रहैं।
अब कटी हुई मिर्च और टमाटर डालें और मिश्रण को फिर से धीमी आंच में 10 से 15 मिनट तक पकाएं।
ढक्कन लगाकर बीच-बीच में चैक करें. भाजी के अच्छे से पक जाने पर गैस बंद कर दीजिये.
लीजिए तैयार है लाल भाजी, इसे रोटी/चावल के साथ परोसें।
लाल भाजी खाने के फायदे :
चौलाई उबालकर इसके पानी में नमक मिला दें। इस पानी को हल्का ठंडा करके पी लें। इससे कब्ज दूर हो जाएगी और पेट दर्द से भी आराम मिल जाएगा।
चौलाई की सब्जी का नियमित रूप से सेवन करने से वात, रक्त व त्वचा विकार जैसे त्वचा से संबंधित रोग दूर होते हैं।
इसमें भरपूर मात्रा में प्रोटीन और विटामिन सी पाया जाता है, जो कि इम्यून बढ़ाने का काम करता है।
इसका रस हफ्ते में तीन दिन पीने से गठिया, रक्तचाप और हृदय रोग से निजात मिल जाती है। साथ में ही पेट भी एकदम सही रहता है।
चौलाई का सेवन करने से हड्डियों को मजबूती मिलती है। इसमें कैल्शियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो हड्डियों के लिए बेहद ही जरूरी होता है।
दांत में दर्द होने या मुंह में छाले होने पर चौलाई को पीसकर दांतो पर या छाले पर लगा दें। आराम मिलेगा। इसका अलावा इसके पानी से गरारे भी कर सकते हैं।
