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*कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा की पत्रकारवार्ता - कोर्ट के फैसले के बाद राहुल गांधी के साथ हो रहे व्यवहार पर खुलकर की बात*

*कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा की पत्रकारवार्ता - कोर्ट के फैसले के बाद राहुल गांधी के साथ हो रहे व्यवहार पर खुलकर की बात*

*कुमारी सैलजा की पत्रकारवार्ता - कोर्ट के फैसले के बाद राहुल गांधी के साथ हो रहे व्यवहार पर खुलकर की बात* देश मे ऐसा एक मुद्दा हमारे सामने है जो कभी नही हुआ... हमारे नेता राहुल गांधी जी के साथ पिछले दिनों चाहे वो अदालत का फैसला आया हो या उसके बाद का घटनाक्रम जो भी हुआ है... उसके तथ्य की बात हम मीडिया के सामने रखने आये है... कोर्ट के फैसले के बाद लोकसभा से किस तरह से सदस्यता समाप्त की गई... उसके पीछे गहरी चाल समझ आती है... राहुल जी ने पदयात्रा के दौरान अपनो बात उठाई... संसद में भी बात उठाई... हम बताना चाहते है कि राहुल जी के ऊपर यह कार्रवाई क्यो की गई ? इससे समझ आता है कि राहुल जी ने पीएम की दुखती रग पर हाथ रख दिया है... राहुल जी ने पूछा था कि अडाणी के पास इतना पैसा कहां से आया? यह डिफेंस में कैसे काम कर रहे है... राहुल जी ने दूसरा सवाल पूछा की पीएम का अडानी से रिसता क्या है... उन्होंने रक्षा उद्योग से लेकर विदेशों में दिए गए बयानों के बारे में , उनके प्लेन के फोटो , पीएम के साथ के फोटो दिखाए लेकिन मोदी जी ने एक भी सवाल का जवाब देना मुनासिब नही समझा... वे जवाब पर तो नही आये लेकिन विपक्ष के जवाब देना होता है... उन्होंने सारी बातों को दरकिनार कर दिया गया... जबकि राहुल जी के बक्तव्य को सदन के रिकॉर्ड से निकाल दिया गया... मोदी जी किस बात से डरते है... क्या उनको लगता है कि यह सब बातें बाहर नही जाएंगी...ऐसी कोई बात तो नही थी जो रिकॉर्ड में नही रखी जा सकती थी.... क्या कारण है कि संसद को सत्ता पक्ष नही चलने दे रहा है... जबकि सदन चलने की जिम्मेदारी सत्ता पक्ष के नेता की होती है... उनको डर है कि सदन चलेगा तो राहुल गांधी बोलेंगे... जब राहुल गांधी के ऊपर वेबनियाद आरोप लगाए गए... सरकार के मंत्रियों ने आरोप लगाए की उन्होंने विदेश में जाकर गलत बातें बोली... जबकि राहुल गांधी ने बार बार पत्र लिखा उन्होंने कहा उन्हें बोलने का मौका दिया जाए... पूरी तरह से सोचसमझकर सदन की कार्यवाही को रोका गया... दूसरा घटना क्रम है 13 अप्रेल 2019 को कर्नाटक में राहुल जी ने भाषण दिया... 16 मार्च को गुजरात के सूरत में मामला दर्ज कराया गया... उसके बाद खुद की शिकायत करता ने खुद की शिकायत पर रोक लगाने की मांग की... उसके बाद फिर मामले की सुनवाई के लिए आवेदन दिया...27 फरवरी को अदालत में सुनवाई हुई... 23 मार्च को राहुल जी को मामले में दोषी करार देते हुए सजा भी सुनाई गई... 24 मार्च को लोकसभा ने राहुल जी की सदस्यता समाप्त कर दी... पहला सवाल है कानूनी जो हमारे वकील अदालत में लड़ेंगे... दूसरा मुद्दा है कि भाजपा की सरकार ने इस मामले को ट्विस्ट किया... क्योकि राहुल गांधी ने कुछ ऐसे सवाल उठाए जो पीएम के लिए कंफर्टेविल नही थे... इसलिए उनकी सदस्यता खत्म कर दी गई... उसके बाद उनको मकान खाली करने के लिए कह दिया गया... सोचिए जैसे उस मकान के बिना भाजपा सरकार नही चलेगी... कुमारी सैलजा ने कहा कि राहुल गांधी के बारे में विदेश जाकर देश विरोधी बाते करने वाली बात बिल्कुल गलत है... जबकि उन्होंने कहा था कि कोई भी मुद्दा भारत का अंदरूनी मामला है हम उसको समझ लेंगे हमे हमारे संविधान पर पूरा भरोसा है... भाजपा के अध्यक्ष जेपी नड्डा ने ओबीसी कार्ड खेला ... जबकि इस मामले में ओबीसी का मुद्दा कहाँ से आ गया... खिसयानी विल्ली खंबा नोच रही है... भ्रष्टाचारियों को कोई जाति नही होती.. अब भाजपा जातियों और समाज के आधार पर देश को बांटना चाहती है... आम आदमी के अधिकारो का हनन करने का काम कर रही है... कुमारी सैलजा ने कहा - देश मे ऐसा एक मुद्दा हमारे सामने है जो कभी नही हुआ... हमारे नेता राहुल गांधी जी के साथ पिछले दिनों चाहे वो अदालत का फैसला आया हो या उसके बाद का घटनाक्रम जो भी हुआ है... उसके तथ्य की बात हम मीडिया के सामने रखने आये है... कोर्ट के फैसले के बाद लोकसभा से किस तरह से सदस्यता समाप्त की गई... उसके पीछे गहरी चाल समझ आती है... राहुल जी ने पदयात्रा के दौरान अपनो बात उठाई... संसद में भी बात उठाई... हम बताना चाहते है कि राहुल जी के ऊपर यह कार्रवाई क्यो की गई ? इससे समझ आता है कि राहुल जी ने पीएम की दुखती रग पर हाथ रख दिया है... राहुल जी ने पूछा था कि अडाणी के पास इतना पैसा कहां से आया? यह डिफेंस में कैसे काम कर रहे है... राहुल जी ने दूसरा सवाल पूछा की पीएम का अडानी से रिसता क्या है... उन्होंने रक्षा उद्योग से लेकर विदेशों में दिए गए बयानों के बारे में , उनके प्लेन के फोटो , पीएम के साथ के फोटो दिखाए लेकिन मोदी जी ने एक भी सवाल का जवाब देना मुनासिब नही समझा... वे जवाब पर तो नही आये लेकिन विपक्ष के जवाब देना होता है... उन्होंने सारी बातों को दरकिनार कर दिया गया... जबकि राहुल जी के बक्तव्य को सदन के रिकॉर्ड से निकाल दिया गया... मोदी जी किस बात से डरते है... क्या उनको लगता है कि यह सब बातें बाहर नही जाएंगी...ऐसी कोई बात तो नही थी जो रिकॉर्ड में नही रखी जा सकती थी.... क्या कारण है कि संसद को सत्ता पक्ष नही चलने दे रहा है... जबकि सदन चलने की जिम्मेदारी सत्ता पक्ष के नेता की होती है... उनको डर है कि सदन चलेगा तो राहुल गांधी बोलेंगे... जब राहुल गांधी के ऊपर वेबनियाद आरोप लगाए गए... सरकार के मंत्रियों ने आरोप लगाए की उन्होंने विदेश में जाकर गलत बातें बोली... जबकि राहुल गांधी ने बार बार पत्र लिखा उन्होंने कहा उन्हें बोलने का मौका दिया जाए... पूरी तरह से सोचसमझकर सदन की कार्यवाही को रोका गया... दूसरा घटना क्रम है 13 अप्रेल 2019 को कर्नाटक में राहुल जी ने भाषण दिया... 16 मार्च को गुजरात के सूरत में मामला दर्ज कराया गया... उसके बाद खुद की शिकायत करता ने खुद की शिकायत पर रोक लगाने की मांग की... उसके बाद फिर मामले की सुनवाई के लिए आवेदन दिया...27 फरवरी को अदालत में सुनवाई हुई... 23 मार्च को राहुल जी को मामले में दोषी करार देते हुए सजा भी सुनाई गई... 24 मार्च को लोकसभा ने राहुल जी की सदस्यता समाप्त कर दी... पहला सवाल है कानूनी जो हमारे वकील अदालत में लड़ेंगे... दूसरा मुद्दा है कि भाजपा की सरकार ने इस मामले को ट्विस्ट किया... क्योकि राहुल गांधी ने कुछ ऐसे सवाल उठाए जो पीएम के लिए कंफर्टेविल नही थे... इसलिए उनकी सदस्यता खत्म कर दी गई... उसके बाद उनको मकान खाली करने के लिए कह दिया गया... सोचिए जैसे उस मकान के बिना भाजपा सरकार नही चलेगी... कुमारी सैलजा ने कहा कि राहुल गांधी के बारे में विदेश जाकर देश विरोधी बाते करने वाली बात बिल्कुल गलत है... जबकि उन्होंने कहा था कि कोई भी मुद्दा भारत का अंदरूनी मामला है हम उसको समझ लेंगे हमे हमारे संविधान पर पूरा भरोसा है... भाजपा के अध्यक्ष जेपी नड्डा ने ओबीसी कार्ड खेला ... जबकि इस मामले में ओबीसी का मुद्दा कहाँ से आ गया... खिसयानी विल्ली खंबा नोच रही है... भ्रष्टाचारियों को कोई जाति नही होती.. अब भाजपा जातियों और समाज के आधार पर देश को बांटना चाहती है...

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